Delhi violence: में मुस्तफाबाद स्थित अल हिंद अस्पताल में बने राहत शिविर में किया निकाह

नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा के बाद सब कुछ खो देने के वाले मुस्तफाबाद स्थित अल हिंद अस्पताल में बने राहत शिविर में रह रहे है. उसी शिविर में एक लड़की का निकाह पढ़वाया गया। गोविंद पुरी के रहने वाले बन्ने खां की बेटी की तीन मार्च को शादी थी, लेकिन लड़के वालों ने हिंसा के चलते रिश्ता तोड़ दिया। 



 


जिसके बाद पिता ने हार नहीं मानी और दूसरा दू्ल्हा ढूंढ़ कर मंगलवार को मुस्तफाबाद स्थित अल हिंद अस्पताल में बने राहत शिविर में ही बेटी का निकाह कराया। लेकिन अभी, बेटी विदा होने की जगह कैंप में ही रुकी है। बन्ने खां के मुताबिक 25 फरवरी को हुई हिंसा में वह अपनी जान बचाकर मुस्तफाबाद के राहत शिविर में पहुंचे थे।


एक साल पहले उनकी बेटी रुकसाना का रिश्ता यूपी के डासना के रहने वाले शोएब से हुआ थे। तीन मार्च को शादी होनी थी। लेकिन, शोएब के परिवारों ने दिल्ली में हिंसा होने की वजह से वह शादी नहीं कर सकते हैं। फिर कृष्णा नगर में रहने वाले फिरोज के परिवार को आप बीती बताई गई। उनका परिवार शादी को राजी हो गया। और राहत शिविर में निकाह करा दिया गया.