जन्मजात क्षमताओं को पहचानना जीवन में सफलता पाने की सबसे पहली आवश्यकता है- विश्वात्मा


लखनऊ 24 मई - कैपिटल हाल, लखनऊ में राजनीति सुधारकों राजनीति सुधारकों की ट्रेनिंग के पहले दिन चरित्र निर्माण तथा वोटरशिप कानून के बारे में समझाया गया। राजनीति सुधार पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक विश्वात्मा ने आए हुए प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कहा कि सफलता के लिए सबसे पहली जरूरत है कि यह जाना जाये कि हमारे अंदर कौन सा गुण और कौन सी प्रतिभा है जो औरों से ज्यादा है? यह जानने के लिए स्वयं से प्रश्न पूछना चाहिए कि मैं क्या करने के लिए पैदा हुआ? मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है? किस क्षेत्र में में सबसे ज्यादा कामयाब हो सकता हूं?


राजनीतिक सुधारकों और अध्यात्म पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक विश्वात्मा ने कहा कि जिस दिन उक्त प्रश्नों का उत्तर मिलता है, उसी दिन सफलता की नींव रख दी जाती है। विश्व परिवर्तन मिशन के प्रणेता विश्वात्मा भरत गांधी ने कहा कि बिना परिश्रम के सफलता नहीं मिल सकती। लेकिन परिश्रम करके भी सफलता जरूरी नहीं कि मिल ही जाए। यह देखना होता है की प्रकृति ने अपने अंदर जो जन्मजात गुण दिया है क्या उसके फलने-फूलने की अनुमति संसार के नियम कानून और संविधान और संस्कार देते हैं या नहीं? संसार के नियम, कानून, संस्कार और परंपराएं नदी का वह पानी है जिसमें अपने को तैरना होता है। नदी का पानी जिस दिशा में बह रहा है हमें उसी दिशा में जाना हो तो कम परिश्रम से अधिक दूरी तय कर लेते हैं लेकिन नदी के धारा के विपरीत जाना हो तो ज्यादा परिश्रम से ही सफलता कम मिलती है। इसलिए आदर्श कानूनी और संवैधानिक व्यवस्था वही है जिसमें हर व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास और उसकी योग्यता को फलने-फूलने के लिए कानून बनाए जाएं। ऐसे ही धार्मिक संस्कार बनाए जाएंं और ऐसा ही संविधान बनाया जाए। श्री विश्वात्मा ने कहा कि इसीलिए राज्य के वर्तमान ढांचे में भारी संशोधन की जरूरत है।


उन्होंने कहा कि अपने को पहचानने का काम खुद अपना है। पहचानने के बाद परिश्रम करने की जिम्मेदारी भी खुद अपने ऊपर होती है। लेकिन अगर कुछ कानून दिखाई पड़ जाये जो अपने पैरों की बेड़ियां है और अपने को आगे बढ़ने में बाधायें तो उन कानूनों को बदलने के लिए सामूहिक प्रयत्न की जरूरत होती है। विश्वात्मा भरत गांधी ने कहा कि राजनीति सुधारकों की ट्रेनिंग में व्यक्ति के आत्मिक विकास से लेकर उसके सामूहिक विकास के लिए जरूरी कानूनी और संवैधानिक व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस ट्रेनिंग का आयोजन भरत गांधी फाउंडेशन ट्रस्ट मुंबई संयुक्त रुप से किया है। ट्रेनिंग फ़र्रुखाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, शाहजहाँपुर, राय बरेली, फ़िरोज़ाबाद, बदायूं, कन्नौज अंबेडकर नगर, जौनपुर, गाज़ियाबाद व दिल्ली से आए लगभग 400 लोगों ने हिस्सा लिया। राजनीति सुधारकों का यह प्रशिक्षण शिविर 3 दिन चलता है। प्रशिक्षण शिविर में आये प्रतिभागी 3 दिन तक शिविर में ही रहेंगे। शिविर के तीसरे दिन वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के जिला व प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया जायेगा, जिसमे 2019 के चुनावों के पार्टी के पक्ष में हुई वोटिंग, देश मे चुनाव परिणाम और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जायेगी।